कश्मीरी छात्र विमान से भेजे जाएंगे

जैसलमेर में सेना के वेलनेस सेंटर में रहने वाले 54 कश्मीरी छात्रों ने घर जाने की जिद पकड़ प्रशासन की नाक में दम कर रखा है। इनके बार-बार भूख हड़ताल करने से प्रशासन की दिक्कतें बढ़ गई है। जैसलमेर जिला प्रशासन इन्हें सड़क मार्ग से कश्मीर भेजने की पूरी तैयारी कर चुका था, लेकिन वहां के प्रशासन ने इनकार कर दिया था। अब थक हारकर सरकार ने इन्हें दो दिन में विशेष विमान से श्रीनगर भेजने का निर्णय किया है।


ईरान में रहने वाले 54 भारतीय छात्रों को 15 मार्च को जैसलमेर लाया गया था। इन्हें सेना के वेलनेस सेंटर में रखा जा रहा है। 28 मार्च को इन सभी छात्रों के कोरोना जांच के सैंपल लिए गए थे। इसमें ये सभी निगेटिव पाए गए थे। तब से ये छात्र वापस अपने घर कश्मीर जाने की तैयारी में लगे थे, लेकिन देशभर में जारी लॉकडाउन की वजह से इन्हें वापस भेजना संभव नहीं हो पाया। इसके बाद छात्रों ने भूख हड़ताल करने सहित कई तरह से प्रशासन को परेशान करना शुरू कर दिया। थक हार जिला कलेक्टर नमित मेहता ने इनके लिए दो बसों की व्यवस्था कर अनुमति जारी कर दी। लेकिन जम्मू कश्मीर सरकार ने सूचित किया कि छात्रों को फिलहाल जैसलमेर में ही रखा जाए। हालात सामान्य होते ही इन्हें बुला लिया जाएगा। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब एक बार फिर इन छात्रों ने आंदोलन करना शुरू कर दिया।


भूख हड़ताल करने पर सेना के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने इन्हें समझाने का भरसक जतन किया, लेकिन ये छात्र अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। छात्रों ने घर जाने के लिए सोशल मीडिया पर आक्रामक अभियान छेड़ रखा है। इनका कहना है कि वे रमजान माह शुरू होने से पूर्व हर हालत में अपने घर जाना चाहते है। छात्रों का कहना है कि वे यहां दो क्वारैंटाइन अवधि से अधिक समय तक रह चुके है। समझाइश के सारे प्रयास विफल रहने पर अब इन्हें एक-दो दिन में इंडियन एयर फोर्स के एक विशेष विमान के कश्मीर पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।